धर्म से ऊपर सुरक्षा: एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं, बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

मुंबई। सुरक्षा को धर्म से ऊपर बताते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के संवेदनशील इलाके के आसपास नमाज या किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

मामला मुंबई एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने को लेकर दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने एयरपोर्ट के समीप खुले स्थान पर नमाज पढ़ने की अनुमति देने की मांग की थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि एयरपोर्ट जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन जब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा हो तो प्रशासन को आवश्यक प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। अदालत ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से सुरक्षा एजेंसियों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।

कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध किसी विशेष धर्म को निशाना बनाने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है। इसलिए एयरपोर्ट के पास नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस फैसले को सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने प्रशासन को भी निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

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