हरियाणा में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हरियाणा ओबीसी कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में ओबीसी वर्ग को टिकट न दिए जाने से नाराज़ होकर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया है। इस संबंध में उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है।
तेलूराम जांगड़ा पिछले करीब 30 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। कांग्रेस सरकार के दौरान वर्ष 2011 में उन्हें हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य बनाया गया था, जहां उन्होंने लगभग छह वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद भी वे लगातार कांग्रेस के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
जांगड़ा ने कहा कि पार्टी में ओबीसी वर्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्हें उम्मीद थी कि हरियाणा में जिन दो सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है, उनमें कांग्रेस ओबीसी समाज से किसी नेता को उम्मीदवार बनाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे वह काफी निराश हुए।
उन्होंने बताया कि ओबीसी वर्ग को टिकट देने की बजाय कांग्रेस ने एससी वर्ग से जुड़े कर्मवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। इसी से नाराज़ होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
तेलूराम जांगड़ा का कहना है कि वह इस तरह की अनदेखी को और बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, इसलिए उन्होंने न केवल अपने पद से बल्कि पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि भविष्य में वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे। अब वह केवल समाज सेवा के कार्यों में ही अपना समय देंगे।