नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनज़र भारत ने सुरक्षा कारणों से अपने अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर को 72 घंटे के लिए अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। इस कदम को चुनाव के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था है, जहां दोनों देशों के नागरिक बिना वीज़ा आवाजाही कर सकते हैं। लेकिन चुनाव जैसे संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा एजेंसियां एहतियात के तौर पर सीमित अवधि के लिए बॉर्डर सील करती हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सूत्रों के मुताबिक, सीमा से सटे राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल—में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा पर सशस्त्र बलों और स्थानीय पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी विशेष देश के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
आवश्यक सेवाएं रहेंगी जारी
हालांकि, आपातकालीन सेवाओं, दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक नहीं होगी। वैध दस्तावेज रखने वाले और विशेष अनुमति प्राप्त लोगों को नियमानुसार आवाजाही की छूट दी जा सकती है।
5 मार्च को मतदान
नेपाल में 5 मार्च को अहम चुनाव होने हैं, जिन पर पूरे क्षेत्र की नजर है। ऐसे में दोनों देशों की सरकारें सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह सतर्क हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थायी सीलिंग एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो पहले भी चुनावों के दौरान अपनाई जाती रही है।