मध्य प्रदेश के सतना जिले से जुड़ी राजनीति के एक प्रमुख चेहरे और वरिष्ठ भाजपा नेता यादवेंद्र सिंह का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शनिवार को अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर सामने आते ही सतना और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक योगदान को याद किया।
यादवेंद्र सिंह सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से वर्ष 2013 में विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने अपना लंबा राजनीतिक सफर ग्राम पंचायत स्तर से शुरू किया और धीरे-धीरे क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।
1978 में सरपंच के रूप में राजनीति में कदम रखने वाले सिंह ने सहकारी संस्थाओं और कृषि मंडी जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने कांग्रेस से चुनाव जीता, बाद में बसपा से चुनाव लड़ा और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।
बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कचनार (जिला सतना) लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनके परिवार में पत्नी, पुत्र और बहू हैं, जो स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। उनके निधन को क्षेत्रीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।