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राजस्थान के जैसलमेर के प्रसिद्ध सूफी और लोक गायक Sawan Khan Dabri का निधन हो गया। उनके निधन से राजस्थानी लोक संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और हालत बिगड़ने पर जैसलमेर में उनका निधन हो गया।
Sawan Khan Dabri राजस्थान के उन चुनिंदा लोक कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने मरुस्थलीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उन्होंने करीब 50 देशों में प्रस्तुति देकर राजस्थानी लोक और सूफी संगीत की अलग पहचान बनाई।
उनकी पहचान खास तौर पर सूफियाना कलाम और सिंधी भजनों की गायकी के लिए थी। कोक स्टूडियो के मंच पर गाया गया उनका गीत “साथी सलाम” उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने वाला साबित हुआ। इसके अलावा उन्होंने फिल्म Highway में भी “तकदीर तख्त चढ़ायो” गीत गाकर अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा था।
संगीत उन्हें विरासत में मिला था। उनके पिता रोजे खां भी प्रसिद्ध गायक थे और बचपन से ही सावन खां ने लोक संगीत की साधना शुरू कर दी थी। Sawan Khan Dabri अपने पीछे तीन बेटों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत छोड़ गए हैं।
लोक कलाकारों और संगीत प्रेमियों का कहना है कि उनके निधन से राजस्थानी लोक संगीत ने एक अनमोल आवाज हमेशा के लिए खो दी है।