भुवनेश्वर/नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है। ओडिशा कांग्रेस के 14 में से 6 विधायक अचानक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंच गए, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। यह कदम आगामी 16 मार्च 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है।
क्रॉस वोटिंग के डर से उठाया गया कदम
बताया जा रहा है कि कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग (दल बदलकर वोट देने) की आशंका है। इसी कारण पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ रखने के लिए उन्हें बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में भेज दिया है। इसे राजनीतिक भाषा में अक्सर “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” कहा जाता है।
कौन-कौन विधायक पहुंचे बेंगलुरु
रिपोर्ट्स के मुताबिक ओडिशा कांग्रेस के जिन विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया है, उनमें:
- अशोक कुमार दास
- प्रफुल्ल चंद्र प्रधान
- पबित्रा सौंटा
- कद्रका अप्पाला स्वामी
- सीएस राजेन एक्का
- सत्यजीत गोमांगो
ये सभी विधायक गुरुवार रात फ्लाइट से बेंगलुरु पहुंचे और रामनगर जिले के बिदादी इलाके के एक रिसॉर्ट में ठहराए गए हैं।
ओडिशा में सीटों का गणित
ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सीटें हैं। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- बीजेपी – 79 विधायक
- बीजेडी – 50 विधायक
- कांग्रेस – 14 विधायक
राज्यसभा की चौथी सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि किसी भी दल के पास अपने दम पर जीत के लिए पर्याप्त वोट नहीं हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग चुनाव का परिणाम बदल सकती है।
बीजेडी उम्मीदवार को कांग्रेस का समर्थन
ओडिशा में कांग्रेस ने खुद कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है और वह बीजू जनता दल (BJD) के उम्मीदवार को समर्थन दे रही है। इसी कारण पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति अपना रही है।
निष्कर्ष:
राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा विधायकों को बेंगलुरु भेजने से साफ है कि पार्टी किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग से बचना चाहती है। अब सबकी नजर 16 मार्च की वोटिंग पर टिकी है।