नई दिल्ली। देश में पहले रसोई गैस (LPG) की कीमतों और सप्लाई को लेकर चर्चा थी, और अब गर्मियों से ठीक पहले पैकेज्ड पीने के पानी को लेकर भी संकट के संकेत मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले दिनों में मिनरल वॉटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतलें महंगी हो सकती हैं।
क्यों महंगी हो सकती हैं पानी की बोतलें
विशेषज्ञों के अनुसार पानी की बोतलों के दाम बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत में तेज बढ़ोतरी है।
- कच्चा तेल महंगा होने से पॉलिमर (प्लास्टिक बनाने का कच्चा माल) महंगा हो गया है।
- पॉलिमर की कीमत करीब 50% बढ़कर लगभग 170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
- बोतल के ढक्कन, लेबल, कार्टन बॉक्स और पैकेजिंग सामग्री की कीमत भी बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और तेल की कीमतों में उछाल के कारण प्लास्टिक और पैकेजिंग की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे भारत के करीब 5 अरब डॉलर के पैकेज्ड वाटर उद्योग पर दबाव बढ़ गया है।
बाजार में अभी क्या स्थिति है
- कई छोटे पानी निर्माता डिस्ट्रीब्यूटर के लिए कीमत लगभग ₹1 प्रति बोतल तक बढ़ा चुके हैं।
- फिलहाल बड़ी कंपनियां खुद लागत झेल रही हैं, लेकिन गर्मियों में मांग बढ़ने पर ग्राहकों के लिए कीमत बढ़ सकती है।
गर्मियों में बढ़ सकता है असर
गर्मियों में पैकेज्ड पानी की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में अगर कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो बाजार में पानी की बोतलें महंगी होने के साथ कुछ जगहों पर कमी भी हो सकती है।
निष्कर्ष:
LPG के बाद अब पैकेज्ड पानी के दाम बढ़ने की आशंका से आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ सकता है। उद्योग से जुड़े लोग सरकार से राहत या सप्लाई स्थिर करने की मांग कर रहे हैं।