मुंबई। स्वतंत्रता सेनानी Bal Gangadhar Tilak के परपोते और कांग्रेस नेता Rohit Tilak ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की संकीर्ण सोच और बढ़ते मतभेदों के कारण उनके लिए कांग्रेस में काम करना मुश्किल हो गया था।
मीडिया से बातचीत में रोहित तिलक ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उनका कांग्रेस नेतृत्व से मतभेद बढ़ता जा रहा था। उनका कहना है कि जब प्रधानमंत्री Narendra Modi को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया, तब कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे दूरी बना ली थी, जबकि यह पुरस्कार किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है।
रोहित तिलक ने कहा कि उन्होंने कई बार पार्टी को अपनी स्थिति समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात नहीं बदले। इसके बाद उन्होंने सक्रिय रूप से कांग्रेस के लिए काम करना बंद कर दिया और आखिरकार पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहित तिलक जल्द ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाली Shiv Sena में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि शिवसेना की ओर से उन्हें पहले राज्यसभा सीट का प्रस्ताव भी दिया गया था।
रोहित तिलक पहले महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और 2014 में पुणे के कस्बा पेठ विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं।