सलीम वास्तविक पर हमला करने वाले जीशान को लेकर बड़ा खुलासा,जानकर भारत की एजंसियों के भी उड़े होश।

शहर में सनसनी फैलाने वाले पूर्व मुस्लिम युवक सलीम की गला रेतकर हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस वारदात के तार पाकिस्तान कनेक्शन और कथित संगठन ‘मुस्लिम आर्मी’ से जुड़े हो सकते हैं। मामले में शामिल दो सगे भाइयों से पूछताछ के बाद कई अहम राज खुले हैं, जबकि मुख्य आरोपी जीशान पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, सलीम (परिवर्तित नाम) ने कुछ समय पहले अपना धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। परिवार का आरोप है कि सलीम को सोशल मीडिया के जरिए निशाना बनाया गया और उसे “सबक सिखाने” की साजिश रची गई।

बीते सप्ताह देर रात सलीम पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हमलावरों ने उसका गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

दो सगे भाइयों का खुला राज

जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड में दो सगे भाइयों की अहम भूमिका थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक:

  • दोनों भाइयों ने जीशान के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
  • विदेशी नंबरों से संपर्क के सबूत मिले हैं।
  • आरोपियों के मोबाइल से संदिग्ध चैट और ऑडियो क्लिप बरामद हुए हैं।
  • कथित ‘मुस्लिम आर्मी’ नामक संगठन से प्रेरित होने की बात सामने आई है।

हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। जांच अभी जारी है।

जीशान का एनकाउंटर

मुख्य आरोपी जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई। घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।

मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच हो सके।

पुलिस और प्रशासन का बयान

एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। यदि किसी विदेशी फंडिंग या संगठन से लिंक की पुष्टि होती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की चेतावनी दी है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने इसे “राष्ट्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला” बताया, तो वहीं अन्य ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

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