निकाह फरमान’ का वायरल सर्कुलर फर्जी — कॉलेज प्रशासन ने किया खंडन

मधुबनी (बिहार), 27 फरवरी 2026: सोशल मीडिया पर एक ऐसा सर्कुलर तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज ने रमजान के पाक महीने के दौरान लड़का-लड़की के साथ खड़े होने पर उनका निकाह (शादी) कराए जाने की चेतावनी दी है। यह वायरल संदेश इंटरनेट पर काफी चर्चा का विषय बना रहा।

📜 क्या सर्कुलर में क्या लिखा था?
वायरल दस्तावेज़ में दावा किया गया कि रमजान के दौरान किसी भी लड़के और लड़की को जोड़े की तरह साथ खड़ा पाया जाता है तो कॉलेज प्रशासन तुरंत उनका निकाह कराने की कार्रवाई करेगा, और वलीमा (भोज) की जिम्मेदारी भी स्वयं जोड़े पर होगी।

कॉलेज प्रशासन ने क्या बताया?
हालाँकि, मधुबनी मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने स्पष्ट रूप से यह कहा है कि ऐसा कोई सर्कुलर या आदेश कॉलेज ने जारी नहीं किया है। सोशल मीडिया पर जो लेटर वायरल हुआ है, वह फर्जी है और इसके खिलाफ कॉलेज ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। प्रशासन ने बताया कि यह फर्जी दस्तावेज़ कॉलेज की छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से फैलाया गया हो सकता है।

💬 सवाल और बहस जारी
यह वायरल सर्कुलर जैसे-जैसे लोगों के बीच फैलता गया, सोशल मीडिया पर छात्रों और आम जनता ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला और गलत सूचना फैलाने वाला बताया। विशेषज्ञों ने भी कहा है कि ऐसे वायरल संदेशों में सच्चाई की जाँच करना आवश्यक है, क्योंकि बिना पुष्टि के साझा किया गया कोई भी डॉक्यूमेंट गलतफहमी और समाजिक तनाव पैदा कर सकता है।

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