नई दिल्ली। एक जनसभा के दौरान हिंदूवादी नेता Pinky Chaudhary द्वारा दिया गया बयान अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “मुसलमानों को सरकारी सुविधाओं से वंचित कर देना चाहिए।” उनके इस कथन के बाद विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि यह बयान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया गया, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं और लाभों को लेकर अपनी राय व्यक्त की। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद विवाद और गहरा गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
विपक्षी दलों ने इस बयान को संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है।
https://www.facebook.com/watch/?v=1635486494304993
वहीं, कुछ समर्थकों का कहना है कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संविधान क्या कहता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्राप्त है। धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव प्रतिबंधित है।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। कई यूज़र्स इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाज़ी करार दे रहे हैं।